नई दिल्ली में वित्त आयोग अनुदान पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। कई राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे।
कार्यशाला में पंचायतों की वित्तीय स्थिति पर चर्चा हुई। ग्रामीण विकास के कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार हुआ।
मुख्य बातें
- नई दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित हुई।
- विजय शर्मा ने तकनीकी सत्रों में भाग लिया।
- पंचायतों की वित्तीय क्षमता पर चर्चा हुई।
- पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया गया।
- प्रदर्शन आधारित अनुदान व्यवस्था पर मंथन हुआ।
- ग्रामीण विकास को नई गति देने पर सहमति बनी।
वित्त आयोग अनुदान पर हुई विस्तृत चर्चा
कार्यशाला में स्थानीय निकायों की वित्तीय स्वायत्तता पर जोर दिया गया। बेहतर सेवा उपलब्ध कराने के उपाय भी बताए गए।
इसके अलावा पारदर्शी व्यवस्था विकसित करने पर चर्चा हुई। जवाबदेही बढ़ाने के सुझाव भी साझा किए गए।
छत्तीसगढ़ को मिलेगा बड़ा अनुदान
वित्त आयोग अनुदान के तहत छत्तीसगढ़ को 11,664 करोड़ रुपये मिलने का प्रस्ताव है।
यह राशि वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक मिलेगी। इसमें 9,331 करोड़ रुपये बेसिक ग्रांट होंगे। वहीं 2,333 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस ग्रांट होंगे।
पांच वर्षों में मिलेगा चरणबद्ध आवंटन
वर्ष 2026-27 में 1,498 करोड़ रुपये बेसिक ग्रांट मिलेगी। अगले वर्षों में राशि बढ़ती जाएगी।
2027-28 से 2030-31 तक बेसिक और परफॉर्मेंस ग्रांट दोनों दिए जाएंगे। इससे पंचायतों को अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे।
ग्रामीण विकास को मिलेगा लाभ
वित्त आयोग अनुदान से ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं को मजबूती मिलेगी।
इस राशि से आधारभूत सुविधाएं विकसित होंगी। नागरिक सेवाओं का विस्तार होगा। साथ ही ग्रामीण विकास कार्यों में भी तेजी आएगी।
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