भारत निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन आयोजित किया। कार्यक्रम नई दिल्ली के आईआईआईडीईएम में हुआ। इसमें 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारी शामिल हुए।
सम्मेलन में 260 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों के जनसंपर्क अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्य बातें
- नई दिल्ली में एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित हुआ।
- 260 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।
- एआई और डीपफेक पर विशेष चर्चा हुई।
- फेक न्यूज से निपटने के उपाय बताए गए।
- सोशल मीडिया प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया गया।
- चुनावी संचार की नई रणनीतियों पर मंथन हुआ।
राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन में फेक न्यूज पर चर्चा
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने सही जानकारी साझा करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आयोग संविधान के अनुसार कार्य करता है। इसलिए गलत सूचनाओं का समय पर जवाब देना जरूरी है।
डिजिटल चुनौतियों पर मिला प्रशिक्षण
राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन में चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने एआई और डीपफेक की चुनौतियां बताईं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सतर्क रहना जरूरी है। साथ ही आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।
तकनीकी सत्रों में मिली नई जानकारी
अधिकारियों को चुनावी संचार की रणनीतियां समझाई गईं। मतदाता सूची प्रबंधन पर भी प्रशिक्षण दिया गया।
मतदान और मतगणना प्रक्रिया पर चर्चा हुई। प्रेस विज्ञप्ति लेखन भी सिखाया गया। सोशल मीडिया के बेहतर उपयोग पर भी मार्गदर्शन मिला।
अधिकारियों ने साझा किए अनुभव
राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए।
प्रतिभागियों ने व्यवहारिक अभ्यास भी किया। प्रदर्शनी और मीडिया कॉर्नर का अवलोकन किया। अंत में प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित हुआ।
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